मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से AWPL के उन प्रतिभाशाली एवं परिश्रमी साथियों को सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने अपने परिश्रम और समर्पण से सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि यह संस्थान डायरेक्ट सेलिंग मॉडल के माध्यम से अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा रहा है, जिससे ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं और लाखों लोगों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित विशाल जनसमूह का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि डायरेक्ट सेलिंग मॉडल आज लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने इस भव्य आयोजन के लिए AWPL के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ डॉ. संजीव कुमार तथा उनकी पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को “जॉब सीकर” के बजाय “जॉब क्रिएटर” बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है और डायरेक्ट सेलिंग मॉडल इसी सोच का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है, बल्कि व्यक्तित्व विकास और क्षमताओं को निखारने का भी अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं एवं मातृशक्ति की भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि आज महिलाएं इस प्रकार के प्लेटफॉर्म के माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं और समाज में अपनी अलग पहचान स्थापित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2021 में केंद्र सरकार द्वारा डायरेक्ट सेलिंग क्षेत्र के लिए उपभोक्ता संरक्षण एवं स्पष्ट नियम लागू किए गए, जिससे इस क्षेत्र में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। इन नियमों से डायरेक्ट सेलर्स के अधिकार मजबूत हुए हैं तथा पूरे सेक्टर को एक संगठित एवं भरोसेमंद ढांचा प्राप्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री तेजी से आगे बढ़ रही है और देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे देश में निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत को विश्व स्तर पर विकास, विश्वास और अवसरों की भूमि के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने “स्टार्टअप इंडिया”, “वोकल फॉर लोकल”, “मेक इन इंडिया”, “स्किल इंडिया” और “डिजिटल इंडिया” जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके माध्यम से देश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट के अंतर्गत 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते हुए, जिनमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतारे जा चुके हैं।