मसूरी में बिना रजिस्ट्रेशन नहीं पाल सकेंगे कुत्ता, नगर पालिका ने तय की अंतिम तारीख – Parwatiya Sansar

मसूरी में बिना रजिस्ट्रेशन नहीं पाल सकेंगे कुत्ता, नगर पालिका ने तय की अंतिम तारीख

उत्तराखंड के देहरादून जिले के मसूरी में अब पालतू कुत्ता रखना है तो उसका पंजीकरण कराना भी जरूरी होगा। नगर पालिका परिषद ने शहर के सभी डॉग ओनर्स को 30 नवंबर तक अपने पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए महज 10 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। खास बात यह है कि लोगों को पंजीकरण के लिए नगर पालिका कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जा सकेगी। नगर पालिका के इस फैसले का उद्देश्य शहर में पालतू कुत्तों से जुड़ी घटनाओं पर नजर रखना और उनके मालिकों की पहचान सुनिश्चित करना है। निर्धारित समय के भीतर रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है

नगर पालिका परिषद ने मसूरी में कुत्ता पालने वाले लोगों के लिए रजिस्ट्रेशन को जरूरी कर दिया है। नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी के अनुसार, शहर में कुत्तों के काटने की घटनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। नई व्यवस्था के तहत पालतू कुत्तों का पंजीकरण होने से नगर पालिका के पास उनके मालिकों का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे किसी घटना या शिकायत की स्थिति में संबंधित कुत्ते के मालिक की पहचान करने में मदद मिल सकती है। नगर पालिका ने सभी कुत्ता पालकों से समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है। तय तारीख के बाद नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी, हालांकि जुर्माने या अन्य दंड के संबंध में विस्तृत जानकारी अभी स्पष्ट नहीं की गई है।

पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। नगर पालिका ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई है। कुत्ता पालक घर बैठे ही निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए 10 रुपये शुल्क देना होगा। नगर पालिका ने पंजीकरण की अंतिम तारीख 30 नवंबर तय की है, इसलिए लोगों को समय सीमा का ध्यान रखने की जरूरत है।

मसूरी में पालतू कुत्तों से जुड़ी शिकायतों और काटने की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका उनकी पहचान से संबंधित रिकॉर्ड तैयार करना चाहती है। पंजीकरण के जरिए यह जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी कि शहर में कितने पालतू कुत्ते हैं और उनके मालिक कौन हैं। हालांकि, केवल रजिस्ट्रेशन से कुत्तों के काटने की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना संभव नहीं है। इसके लिए कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर ले जाते समय सावधानी बरतना, उन पर निगरानी रखना और जिम्मेदारी से उनकी देखभाल करना भी जरूरी है।





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