लोकपर्व हरेला की धूम, 10 लाख पौधारोपण के साथ हरित उत्तराखंड का संकल्प

हरेला उत्तराखंड का प्रकृति को समर्पित लोकपर्व है. ये पर्व प्रकृति के संरक्षण और समृद्धि के साथ-साथ धार्मिक रूप से मां पार्वती और भगवान शिव के मिलन का प्रतीक भी माना जाता है. आज सुबह 9 दिन पहले टोकरियों में बोए गए हरेले को काटा गया. हरेले के पत्तों को परिवार के सभी सदस्यों को शुभकामना देते हुए उनके सिर पर रखा गया. हरेला पर उत्तराखंड में 10 लाख पौधे लगाने का अभियान है. सीएम धामी ने भी प्रदेशवासियों को हरेला की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं.

हरेला केवल एक लोकपर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, पर्यावरण संरक्षण के संकल्प और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य के निर्माण का प्रतीक है। यह पर्व हमें जल, जंगल, जमीन के संरक्षण तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और समृद्ध भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की अध्यात्म और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति विशिष्ट पहचान रही है. यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता हर किसी को आकर्षित करती है. इसलिए, पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है. हमें अपने जल स्रोतों, नदियों और गाड़-गदेरों के पुनर्जीवन और संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना होगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान से समाज में वृक्षारोपण के प्रति जन-जागरूकता का प्रसार हुआ है. प्रदेश में हरेला पर्व पर वन एवं उद्यान विभाग द्वारा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में वृहद वृक्षारोपण अभियान संचालित करने के लिये प्रभावी कार्य-योजना तैयार की गई है.

उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण आज सामाजिक दायित्व के साथ जन-भावना से जुड़ा विषय बन गया है. हमारा यह प्रयास भावी-पीढ़ी को अपनी परम्पराओं से जुड़ने तथा प्रकृति-संरक्षण की दिशा में अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन हेतु प्रेरित करने में भी मददगार होगा.

मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें। उन्होंने इस दिशा में जनसहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी सामाजिक संगठनों और संस्थाओं से भी सक्रिय सहयोग की अपील की है.

गौरतलब है कि आज हरेला पर्व पर उत्तराखंड में जहां 10 लाख पौधे रोपे जा रहे हैं, वहीं देहरादून नगर निगम द्वारा मिशन पोषण संकल्प के अंतर्गत 5 लाख सब्जी के पौधों का स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रत्येक वार्ड के पार्षदों के समन्वय से वितरण किया गया है. साथ ही विद्यालयों और आंगनबाड़ियों में मिशन पोषण संकल्प के अंतर्गत सहजन के पौधों का पौधारोपण किया जा रहा है. सार्वजनिक स्थलों और चिन्हित हरित क्षेत्रों में जनभागीदारी के साथ पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है. इसमें 70,000 फलदार और चारा आदि अलग-अलग प्रजातियों के पौधों का वितरण किया जा रहा है.





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