भारी बारिश के चलते रात को ज्वालापुर रेलवे स्टेशन के बाहर एक विशालकाय पेड़ अचानक गिर गया. गनीमत रही कि शाम के वक्त घटनास्थल पर लोग की भीड नहीं थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था. पेड़ गिरने से बिजली की तारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं. इसके साथ ही बारिश के चलते कुशा घाट के पास बिजली घर की छत भी टपकने लगी. जिसके कारण वहां काम करने वाले कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा.
ज्वालापुर रेलवे स्टेशन के बाहर आमतौर पर यात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही रहती है. शाम के समय यहां भीड़ रहती है, लेकिन घटना के वक्त मौके पर यात्रि नहीं होने से किसी के पेड़ की चपेट में आने से बचाव हो गया. वहीं इससे अलग रविवार शाम को ही सीतापुर रेलवे फाटक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी जिसे फाटक क्षतिग्रस्त हो गया और मौके पर लंबा जाम लग गया.
ज्वालापुर रेलवे स्टेशन के बाहर पेड़ गिरने की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों ने विशालकाय पेड़ को काटकर टुकड़ों में अलग किया और उसे रास्ते से हटाने की कार्रवाई शुरू की. पेड़ गिरने के कारण कुछ समय के लिए आसपास की आवाजाही प्रभावित रही और बिजली की तारे क्षतिग्रस्त होने से अंधेरा छाया रहा. घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन बिजली की तारों के क्षतिग्रस्त होने से व्यवस्था प्रभावित हुई. समय रहते पेड़ हटाए जाने से बड़ा हादसा टल गया.
सीतापुर रेलवे फाटक पर उस समय अफरा तफरी मच गई, जब एक अज्ञात वाहन ने फाटक में टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि रेलवे फाटक क्षतिग्रस्त हो गया. घटना के बाद फाटक से गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई और फाटक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. सूचना मिलने पर रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे. कर्मचारियों ने करीब एक घंटे तक कड़ी मशक्कत कर फाटक को ठीक करने का काम किया.