15 दिनों से समय बर्बाद हुआ, भ्रमित करने वाले उत्तराखंड की जनता से माफी मांगें, अंकिता प्रकरण पर सीएम धामी – Parwatiya Sansar

15 दिनों से समय बर्बाद हुआ, भ्रमित करने वाले उत्तराखंड की जनता से माफी मांगें, अंकिता प्रकरण पर सीएम धामी

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में फिर से जिस तरह का माहौल बना, उसको लेकर सरकार काफी गंभीर नजर आ रही है. यही कारण है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी कंट्रोवर्सी के तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद अंकिता भंडारी के माता-पिता मिले और उन्हें आश्वासन दिया.

बुधवार रात को अंकिता भंडारी के माता-पिता ने देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की और उनके सामने अपनी मांगों को रखा. अंकिता भंडारी के माता-पिता से सीएम धामी की बात हुई. इस पर गुरुवार सुबह को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी बयान आया.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ये बहुत ही संवेदनशील मामला है. हमारी बहन-बेटी से जुड़ा मुद्दा है. अंकिता भंडारी के जाने के बाद सबसे ज्यादा कष्ट उनके माता-पिता को हुआ है. ऐसे में कल उनके माता-पिता से मुलाकात हुई है. उन्होंने अपनी बातों को मेरे सामने रखा है. सरकार, अंकिता के माता-पिता की मांगों पर विचार करेगी और निर्णय लेगी.

साथ ही सीएम धामी ने कहा कि कानूनी कार्रवाई अपने स्तर से चलती रहेगी. इसमें दिल्ली हाईकोर्ट का भी निर्णय आया है और एसआईटी भी अपने स्तर से जांच कर रही है. ऐसे में अन्य जो कानूनी चीजें हैं, उन पर भी सरकार विचार विमर्श कर रही है. विचार-विमर्श करने के बाद अंकिता के माता-पिता ने सरकार से जो अपेक्षा की है, उस पर निर्णय लिया जाएगा.

इसके साथ ही सीएम धामी ने कहा कि जिन जिम्मेदार लोगों ने जनता में भ्रम की स्थिति पैदा करके बीते 15 दिनों में प्रदेश के अंदर एक तरह का माहौल बनाया है और तमाम योजनाओं से लोगों को भ्रमित करने का काम किया है, उन्हें उत्तराखंड की जनता से माफी मांगनी चाहिए.

मुख्यमंत्री धामी ने बिना नाम लिए विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में राजनीतिक दलों की जो जिम्मेदारी होनी चाहिए थी, वो दिखाई नहीं दी. एक ऑडियो आने के बाद उत्तराखंड में जिस तरह से अस्थिरता की स्थिति बनाई, सड़कों पर तमाम तरह के प्रदर्शन किए गए. लोगों को भड़काने और भ्रम की स्थिति पैदा करने जैसी चीजें हुई, ये चीजें जिन लोगों ने की हैं, उनको जनता देख रही है. ऐसे में वर्तमान समय में जो ऑडियो आया है, उस पर भी उन लोगों को कहना चाहिए और उत्तराखंड के लोगों से माफी मांगनी चाहिए.





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