नगर निगम देहरादून ने आवारा कुत्तों को लेकर एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबरों का खंडन करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है। नगर निगम के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि दिनांक 08 जनवरी 2025 को प्रकाशित खबर में कई तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है।
नगर निगम की ओर से बताया गया कि वर्ष 2016 से निरंतर एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके तहत शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 35 से 65 कुत्तों की नसबंदी की जा रही है और अब तक हजारों कुत्तों का टीकाकरण किया जा चुका है।
नगर निगम ने स्पष्ट किया कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण के लिए व्यवस्थित योजना के तहत कार्य किया जा रहा है। इसके लिए चिन्हित स्थानों पर डॉग केयर सेंटर बनाए गए हैं और बीमार अथवा आक्रामक कुत्तों को वहां शिफ्ट किया जाता है। निगम का दावा है कि डॉग पॉलिसी और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप ही कार्रवाई की जा रही है, जिसमें “कैच-न्यूटर-वैक्सीनेट-रिलीज” की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
खबर में कुत्तों के हमले से महिलाओं की मौत और बढ़ते खतरे के दावों पर नगर निगम ने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है। संबंधित घटनाओं में नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचकर कुत्तों को पकड़ने, उपचार कराने और आवश्यकता पड़ने पर शेल्टर होम में रखने का काम करती है।
नगर निगम ने यह भी बताया कि 24×7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर संचालित हैं, जिन पर नागरिक आवारा कुत्तों से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। निगम का कहना है कि आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। अंत में नगर निगम प्रशासन ने समाचार पत्रों से अपील की है कि तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित किए जाएं, ताकि जनता में भ्रम की स्थिति न बने।